UGC रोलबैक, EWS सरलीकरण और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर किसान नेता अमरीश चौहान कार्यालय पर नजरबंद
हरवीर सिंह9718976101

UGC रोलबैक, EWS सरलीकरण और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर किसान नेता अमरीश चौहान कार्यालय पर नजरबंद
लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप, बोले अमरीश चौहान—सरकार याद रखे, संविधान से ऊपर कोई नहीं!
दादरी, गौतम बुद्ध नगर।
UGC रोलबैक, EWS सरलीकरण एवं आर्थिक आधार पर आरक्षण जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर प्रदेश में विरोध की आवाज उठाने वालों के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती का मामला सामने आया है। जिला पंचायत वार्ड नंबर 03 दादरी के प्रत्याशी एवं किसान नेता अमरीश चौहान ने आरोप लगाया कि कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने उन्हें उनके जनसंपर्क कार्यालय, अशोक भवन, मेन मार्केट, जारचा रोड, दादरी पर ही नजरबंद कर दिया। कार्यालय पर पहुंचे कार्यकर्ताओं को भी वहीं रोक दिया गया और उन्हें बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई।
इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमरीश चौहान ने इसे सरकार की तानाशाही, मनमानी और अधिकारियों की हठधर्मिता करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना, शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना और जनहित के मुद्दों पर आंदोलन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
अमरीश चौहान ने कहा, “आज जिस तरह आम आदमी की आवाज को दबाने और उसे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। लोकतंत्र में असहमति को दबाना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। सरकार और प्रशासन को समझना चाहिए कि जनता की आवाज सुनना उनकी जिम्मेदारी है।”
श्री चौहान ने आगे कहा कि संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को अपने विचार रखने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाने की ताकत देता है। कोई भी सरकार या सत्ता संविधान से ऊपर नहीं है। सरकार को ऐसे मामलों में आत्ममंथन करना चाहिए और जनहित के मुद्दों पर संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
अमरीश चौहान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आम आदमी की आवाज को लगातार दबाया गया, तो जनता का आक्रोश व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। इतिहास गवाह है कि जनसमर्थन से चलने वाले लोकतांत्रिक आंदोलन व्यवस्था को जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अमरीश चौहान ने स्पष्ट किया कि UGC से जुड़े मुद्दों, EWS सरलीकरण और आर्थिक आधार पर आरक्षण जैसे विषयों पर जनता की आवाज उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अभिषेक ठाकुर शिवा, सतवीर सिंह विश्वकर्मा सिंह, दक्ष पांडे, दीपक पंडित जलाल चौधरी गजराज पुलकित सिंघल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रमुख संदेश:
“कलम की प्रमुखता, आत्मबल हमारा। हर गरीब, किसान, मजदूर और जवान की आवाज हैं हम। केवल नेता नहीं, भ्रष्ट व्यवस्था का विकल्प हैं हम।”



