इनोवेटिव इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में उत्साह एवं सेवा-भावना के साथ आयोजित हुआ रक्तदान शिविर
कवरेज by SN mishra ji

इनोवेटिव इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में उत्साह एवं सेवा-भावना के साथ आयोजित हुआ रक्तदान शिविर
ग्रेटर नोएडा, 23 सितंबर 2026:
नॉलेज पार्क–1 स्थित इनोवेटिव इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानव सेवा की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अपना योगदान देना था।
इस अवसर पर इनोवेटिव ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन डॉ. के. आर. शर्मा, मैनेजिंग मेंबर श्री देवाशीष गौड़, अकादमिक डायरेक्टर डॉ. तितिक्षा शर्मा, फाइनेंस डायरेक्टर डॉ. उषा शर्मा, इनोवेटिव इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ के प्राचार्य डॉ. एम. पाण्डेय एवं उप-प्राचार्या डॉ. अन्नू बहल मेहरा की गरिमामयी उपस्थिति एवं मार्गदर्शन रहा।
रक्तदान शिविर में संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा एवं सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। शिविर के दौरान रक्तदान से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई तथा प्रतिभागियों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
इनोवेटिव ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन डॉ. के. आर. शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे महत्वपूर्ण और पुनीत कार्य है। एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि युवा शक्ति समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की महत्वपूर्ण क्षमता रखती है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय-समय पर रक्तदान जैसे जनहितकारी कार्यों में सक्रिय सहभागिता करने तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अकादमिक डायरेक्टर डॉ. तितिक्षा शर्मा ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने तथा सेवा एवं सहयोग की भावना को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य डॉ. एम. पाण्डेय ने कहा कि शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनमें सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने रक्तदान शिविर को विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं सेवा-भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
उप-प्राचार्या डॉ. अन्नू बहल मेहरा ने भी रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि समाज में रक्त की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है और स्वस्थ एवं योग्य व्यक्तियों द्वारा किया गया स्वैच्छिक रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है।
शिविर के दौरान रक्तदाताओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई तथा चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। रक्तदान करने वाले विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों में विशेष उत्साह देखने को मिला। संस्थान की ओर से रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सेवा-भाव की सराहना की गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि रक्तदान मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति एवं उसके परिवार के लिए आशा और जीवन का आधार बन सकता है। इस प्रकार की सामाजिक गतिविधियां विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, जिम्मेदारी एवं सेवा-भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार की सामाजिक एवं जनहितकारी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।
इनोवेटिव इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर मानव सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सामुदायिक सहयोग की भावना को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों एवं संस्थान के सदस्यों को समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की प्रेरणा प्रदान की।



