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जीबीयू विदेशी नागरिकों को आकर्षित करने के लिए देशी-विदेशी संस्थानों के साथ साझेदारियों के माध्यम तैयार

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*जीबीयू विदेशी नागरिकों को आकर्षित करने के लिए देशी-विदेशी संस्थानों के साथ साझेदारियों के माध्यम तैयार*

जीबीयू ने विविध विषयों के पाठ्यक्रमों के लिए विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के लिए देशी-विदेशी संस्थानों के साथ करार की एक रणनीतिक कदम बढ़ाया है जिससे की विदेशी छात्रों का अध्याय विश्वविद्यालय की ओर आकर्षित कर सकें। जैसे शिक्षा मंत्रालय के ‘स्टडी इन इंडिया’ कार्यक्रम के साथ उसके संबंध के माध्यम से सुविधाजनक बनाया गया है। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी सरकारी छात्रवृत्तियों के लिए एडमिशन 2 एलुम्नाई (ए2ए) पोर्टल में सूचीबद्ध की जाएगी, जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अधिक आकर्षित करने में और भी मदद करेगा।

इस प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम था, जो नई दिल्ली में ऑल इंडिया टेक्निकल एजुकेशन कौंसिल (एआईसीटीई) के मुख्यालय में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एचईआई से अधिक जानकारी प्राप्त करना था, जो शिक्षा मंत्रालय के एडमिशन पोर्टल के माध्यम से सहयोग करने के अवसरों और लाभों के बारे में संस्थानीय अधिकारियों को संवादित करना था।

जीबीयु के डॉ अरविंद कुमार सिंह और डॉ जितेन्द्र सिंह राठौड़, जो विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया की देखरेख करते हैं, नई दिल्ली में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में जीबीयू का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी मौजूदगी ने जीबीयू के वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने और विविध विदेशी छात्र से संबंधित संस्थानों से सहयोग से बिना किसी प्रकार की कठिनाई के छात्रों को जीबीयू में नामांकन के समर्पण को दर्शाता है। इस इस कार्यक्रम में यह भी सूचित किया गया है कि विदेशी छात्रों जो अपनी उच्च अध्ययन के लिए भारत में प्रवेश चाहते हैं, उनके लिए ‘स्टडी इन इंडिया’ पोर्टल पर पंजीकरण और इसकी आईडी अनिवार्य है, जो उन्हें नामांकन के पश्चात वीज़ा, बैंक अकाउंट एवं रेसिडेंट परमिट, आदि हासिल करने में मदद करेगी।

जीबीयू अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों जैसे स्नातक (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी), और डॉक्टरल/अनुसंधान-केंद्रित पर विभिन्न विषयों हर स्तर पर छात्रों को आकर्षित करने पर ध्यान रखते हैं। ये कार्यक्रम पूर्वानुमानित छात्रों में, अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू दोनों में महत्वपूर्ण रूचि पैदा कर चुके हैं। ‘स्टडी इन इंडिया’ कार्यक्रम के अलावा, जीबीयू ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) और विदेश में छात्रों का सीधा प्रवेश (दासा) कार्यक्रम के साथ साझेदारियाँ की है। इन साझेदारियों के द्वारा विश्वविद्यालय की वैश्विक पहुँच और भारत में गुणवत्ता शिक्षा की तलाश में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के आकर्षण को और भी बढ़ाते हैं। वर्तमान में जीबीयू में वियतनाम, म्यांमार, कम्बोडिया, लाओस पीडीआर, श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, मंगोलिया, ताइवान, अफगानिस्तान, नेपाल आदि से विदेशी छात्र हैं जो यहाँ अध्ययन कर रहे हैं। पिछले समय में इन सभी देशों के अलावा, कुछ अन्य देशों से विदेशी छात्र दक्षिण कोरिया, चीन, कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, सूरीनाम आदि आए और अध्ययन कर वापस अपने देश में उच्च पदों पर आसीन हैं।

हाल में हुई विदेशी संस्थाओं के साथ साझेदारियों ने जीबीयू की भरपूर संख्या में विदेशी राष्ट्रीयों को आकर्षित करने में विशेष बौद्ध अध्ययन के पाठ्यक्रमों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यहाँ यह भी बताना ज़रूरी है कि बौद्ध अध्ययन के अलावा बीटेक, एमबीए, बीबीए, आदि तकनीकी कार्यक्रमों में भी कुछ विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और विश्वविद्यालय के अन्य पाठ्यक्रमों जैसे बीटेक, एमटेक, एमबीए, बीबीए, बीए, एमए, बीएससी, एमएससी, और अन्य विशेषज्ञ कोर्सों के लिए भी विदेशी छात्रों को आकर्षित करने की तैयारी में जुटी हुई है। इन पहलों के परिणामस्वरूप, जीबीयू भारत में उच्च अध्ययन करने वाले विदेशी राष्ट्रीयों के लिए सबसे लोकप्रिय स्थलों में से एक के रूप में सामने आ रहा है। विश्वविद्यालय की शैक्षिक उत्कृष्टता के प्रति जीबीयू का समर्पण, इसकी वैश्विक दृष्टिकोण और विविध प्रस्तावों के साथ मिलकर, छात्रों के लिए एक परिवर्तनात्मक शैक्षिक अनुभव की खोज में एक पसंदीदा विकल्प बनाता है।

प्रो रवीन्द्र कुमार सिन्हा, कुलपति, जीबीयु ने विश्वविद्यालय के द्वारा इसी क्रम में कहा कि जीबीयू अंतिमकृत सहयोग स्थापित करने की प्रक्रिया में है जो दुनिया भर में प्रसिद्ध कृत्रिम बुद्धिमत्ता एआई केंद्र ईटीएच जुरिच, स्विट्जरलैंड के साथ, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम, एचसीएल, और सैमसंग जैसे अनेकांश बहुराष्ट्रीय अनुसंधान और विकास केंद्रों के साथ सीधा समर्थन प्राप्त कर रहा है, जो कि यूपी सरकार द्वारा प्राथमिक स्तर पर है जिनसे विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों को उत्कृष्ट प्रदान करने में होने वाली साझेदारी से सहयोग होगा।

Harveer Singh

पत्रकार हरवीर सिंह राष्ट्र का निष्पक्ष दर्पण भ्रष्टाचार के खिलाफ आर पार / खबरों के साथ-साथ खुलासे भी परित्राणाय साधुनाम् यही हमारा मूल कार्य धर्म की रक्षा के लिए पूरे देश में टीम जिला तहसील लेवल पर गठित की जा रही है उसके बाद अन्य देशों में भी अपनी

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