Gbuऔद्योगिक भ्रमण के तहत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE), नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट कार्यालय का दौरा किया।
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*एक्सचेंज ट्रेडेड फंड और गोल्ड फंड के बारे में सिखाई कई दिलचस्प अवधारणाएं* स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के 55 एमबीए छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्तीय बाजारों की व्यावहारिक समझ को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक औद्योगिक भ्रमण के तहत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE), नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट कार्यालय का दौरा किया।
इस भ्रमण का नेतृत्व स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की फैकल्टी कोऑर्डिनेटर प्रो. श्वेता आनंद ने किया। छात्र समन्वयक — अनुज राव गौतम, सत्यम कुमार, अनंत सिंह, सनी माथुर और रोनित — ने शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल की सुचारु योजना और समन्वय सुनिश्चित किया।
GBU के पाठ्यक्रम के अंतर्गत सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक वित्तीय जगत से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यह भ्रमण एक सर्द सुबह उत्साहपूर्ण वातावरण में आरंभ हुआ। जिज्ञासा से भरपूर छात्रों का स्वागत NSE के अधिकारियों सजल चौधरी और मोहम्मद इज़हर (NSE अकादमी) ने किया। प्रो. श्वेता आनंद ने कहा, “यह संवाद युवाओं के वित्तीय सशक्तिकरण की आधारशिला है।” उन्होंने इस यात्रा को भविष्य के नेताओं के निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “हमारे छात्र केवल पाठ्यपुस्तकों से नहीं सीख रहे, बल्कि वे भारत की अर्थव्यवस्था की धड़कन को प्रत्यक्ष रूप से महसूस कर रहे हैं।”
छात्रों को मूल्य खोज तंत्र (Price Discovery Mechanism), इक्विटी और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग, जोखिम प्रबंधन प्रणाली, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETFs), गोल्ड फंड, म्यूचुअल फंड तथा सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) जैसे महत्वपूर्ण विषयों से परिचित कराया गया। अधिकारियों ने जिम्मेदार निवेश प्रथाओं पर जोर देते हुए बताया कि निवेश करते समय शोध-आधारित निर्णय लेना, दीर्घकालिक योजना बनाना और सट्टात्मक व्यवहार से बचना अत्यंत आवश्यक है।
वित्तीय साक्षरता और संपत्ति निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां छात्रों ने बचत और निवेश के बीच अंतर, चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति तथा परिसंपत्ति आवंटन (Asset Allocation) के महत्व को समझा। पूरे भारत में प्रमाणन कार्यक्रमों और निवेशक शिक्षा पहलों के माध्यम से वित्तीय जागरूकता बढ़ाने में NSE की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
सत्र का समापन एक रोचक क्विज प्रतियोगिता के साथ हुआ, जिसमें कई छात्रों ने उत्कृष्ट वैचारिक समझ का प्रदर्शन करते हुए पुरस्कार जीते। इस भ्रमण ने छात्रों को वास्तविक अनुभव प्रदान किया, जिससे कक्षा में सीखे गए सिद्धांतों और व्यावहारिक बाजार अनुप्रयोगों के बीच की दूरी कम हुई।
प्रो. श्वेता आनंद ने कहा कि इस प्रकार के उद्योग-शैक्षणिक संवाद भविष्य के प्रबंधकों और वित्तीय पेशेवरों को तैयार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह पहल गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की अनुभवात्मक शिक्षा और उद्योग सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उद्योग और विश्वविद्यालय के बीच इस प्रकार का सहयोग पारस्परिक रूप से लाभकारी है और एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह पहल भारत को शीघ्र ही वैश्विक स्तर पर नंबर एक अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।


