बड़ी खबर :महर्षि दयानंद सरस्वती जी के 200 वे जयंती वर्ष के उपलक्ष्य पर गुरुकुल मुर्शीदपुर में 200 कुंडीय देव यज्ञ का का विशालआयोजन

महर्षि दयानंद सरस्वती जी के 200 वे जयंती वर्ष के उपलक्ष्य पर गुरुकुल मुर्शीदपुर में 200 कुंडीय देव यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आर्य प्रतिनिधि सभा गौतम बुद्ध ने किया। कार्यक्रम में 50 से अधिक गांव के 500 परिवारों ने हिस्सा लिया। 2000 व्यक्तियों की उपस्थिति रही। लोगों ने यज्ञ करने, पॉलीथिन प्लास्टिक के बहिष्कार का संकल्प लिया। पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार से आए यज्ञ के ब्रह्म स्वामी यज्ञदेव ने कहा यज्ञ से सभी बीमारियों का इलाज किया सम्भव है । यज्ञ चिकित्सा पर शोध पूर्ण व्याख्या दिया। गुरुकुल के संरक्षक प्राण देव जी का भी वक्तव्य रहा ।समाजसेवी सतीश सतीश नम्बरदार बदलपुर ने अपने भाई की स्मृति में गुरुकुल में अतिथि शाला का निर्माण कराया उसका भी लोकार्पण किया गया । वैदिक मंत्र उच्चारण गुरुकुल के आचार्य जैनेंद्र व ब्रह्मचारियों ने किया। इस अवसर पर गुरुकुल के अधिष्ठाता देवमुनी ने यज्ञ कराया। कार्यक्रम का संचालन आर्य सागर खारी ने किया। इस अवसर पर महेंद्र आर्य सुखबीर खलीफा पूरन पहलवान यशपाल आर्य अनार आर्य सतीश आर्य रोहतास आर्य राजेंद्र आर्य जीता आर्य बिजेंदर आर्य वीरेश भाटी दिवाकर आर्य डॉ सविता आचार्य आचार्य करण सिंह सहित सैकड़ो अतिथि उपस्थित रहे । स्वामी यज्ञ देव का यज्ञ से सभी महामारियों को खत्म किया जा सकता है यज्ञ कर्मकांड नहीं चिकित्सा पद्धति भी है राजकुमार शास्त्री ने कहा गुरुकुल शिक्षा से ही विश्व गुरु भारत को पुनः बनाया जा सकता है । सैकड़ो परिवारों ने नशा मुक्ति रहने का भी संकल्प लिया । इस अवसर पर महर्षि दयानंद की 200 भी जयंती के अवसर पर विशेष कैलेंडर भी आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से जारी किया गया। इस पूरे अनुष्ठान में 13000 हजार ईंटों से मिट्टी की 200 वेदी बनाई गई थी ।400 किलो हवन सामग्री 250 किलो घी का प्रयोग किया। केवल मिट्टी के हवन पात्र का ही यज्ञ में प्रयोग किया गया। जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहे।


