अमरीश चौहान के नेतृत्व में भारतीय किसान यूनियन एकता शक्ति का जोरदार प्रदर्शन
हरवीर सिंह कुशवाहा 9718976101

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की मनमानी व तानाशाही के खिलाफ प्रदेश अध्यक्ष अमरीश चौहान के नेतृत्व में और जिला अध्यक्ष पुलकित सिंघल की अगुवाई में भारतीय किसान यूनियन एकता शक्ति का ऐतिहासिक धरना, तीन मांगें मौके पर मानी गईं
ग्रेटर नोएडा, गौतम बुद्ध नगर।
आज ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर प्रदेश अध्यक्ष अमरीश चौहान व पुलकित सिंघल व संजीव कुमार गौतम बुद्ध नगर के नेतृत्व में प्रशासन की लगातार चल रही मनमानी, तानाशाही और किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन एकता शक्ति ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया।
धरने से पूर्व ही प्रशासन द्वारा संगठन के कई वरिष्ठ अक्षित शर्मा गौरव त्यागी अभिषेक शर्मा आदि पदाधिकारियों को सुबह-सुबह हाउस अरेस्ट कर घरों में नजरबंद कर दिया गया, इसके बावजूद भी संगठन की एकजुटता और किसानों के आक्रोश के चलते उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से सैकड़ों कार्यकर्ता ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पहुंचे और “जय जवान, जय किसान” के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
धरना स्थल पर भारी पुलिस बल व पीएसी की तैनाती की गई थी, लेकिन किसानों के शांतिपूर्ण एवं संगठित आंदोलन के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। धरने के मात्र दस मिनट के भीतर ही संगठन की प्रमुख पाँच मांगों में से तीन मांगों को मौके पर मान लिया गया, जबकि शेष दो मांगों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने का आश्वासन दिया दिया गया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अमरीश चौहान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इस बार भी नट की मडैया सहित अन्य गांवों की मूलभूत सुविधाएं, किसानों की समस्याएं तथा पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर ठोस और न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन लखनऊ घेराव से लेकर संसद भवन व दिल्ली तक उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और प्राधिकरण की होगी।
धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से राष्टीय उपाध्यक्ष मजदूर सभा रोहताश शर्मा टिंकू पंडित , राम अवतार सोलंकी,मोहम्मद रियाज़ भाई, श्याम फौजी, संजय नायक, अभिषेक राघव, गजराज सिंह, एम.एस. भाटी, नदीन भाटी विवेक सहित सैकड़ों की संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भारतीय किसान यूनियन एकता शक्ति ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों और ग्रामीणों के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
— जारीकर्ता


