भरतपुर में ‘बिना प्रदूषण प्रमाण-पत्र ईंधन नहीं’ अभियान के तहत संयुक्त कार्रवाई, 41 वाहनों के चालान

भरतपुर / जिला कलक्टर कमर चौधरी द्वारा वायु प्रदूषण नियंत्रण एवं वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों की पालना में गठित संयुक्त प्रवर्तन समिति ने गुरुवार को शहर के पेट्रोल पंपों पर विशेष जांच अभियान चलाया। पुलिस, रसद विभाग एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 41 चालान किए। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अभय मुदगल ने बताया कि संयुक्त प्रवर्तन समिति के नोडल अधिकारी एवं प्रशिक्षु जिला परिवहन अधिकारी जितेंद्र गोठवाल के नेतृत्व में अभियान के दौरान पेट्रोल पंपों द्वारा बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र वाले कुल 60 वाहनों को चिह्नित किया गया। जिनमें से 44 वाहनों को ईंधन देने से मना कर दिया गया। टीम ने शहर के कुल 5 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इनमें एलोरा सर्विस स्टेशन, भारद्वाज फिलिंग स्टेशन, आशय द फ्यूल सॉल्यूशन्स एवं तिवारी पेट्रोल पंप सहित अन्य पेट्रोल पंप शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान संबंधित पेट्रोल पंपों पर ‘प्रदूषण प्रमाण-पत्र नहीं तो ईंधन नहीं’ संदेश वाले बैनर लगे पाए गए। उन्होंने बताया कि संयुक्त टीम ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए कि किसी भी वाहन को वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र के बिना ईंधन नहीं दिया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि चिकित्सा सहित अन्य निर्धारित आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर, यदि कोई पेट्रोल पंप बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र वाले वाहन को ईंधन देता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने पहुंचे वाहन चालकों एवं ग्राहकों को वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र रखने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्रमाण-पत्र की वैधता सुनिश्चित करना आवश्यक है तथा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बिना वैध प्रमाण-पत्र के ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। संयुक्त प्रवर्तन समिति ने स्पष्ट किया कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और आयोग के निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।



