कैलाश इंस्टीट्यूट में ‘किलकारी’ डे-केयर सेंटर की शुरुआत, फैकल्टी एवं स्टाफ के बच्चों को मिलेगी बेहतर देखभाल
harveer singh

कैलाश इंस्टीट्यूट में ‘किलकारी’ डे-केयर सेंटर की शुरुआत, फैकल्टी एवं स्टाफ के बच्चों को मिलेगी बेहतर देखभाल

ग्रेटर नोएडा। कर्मचारियों के कल्याण एवं उनके परिवारों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज ने अपने फैकल्टी एवं स्टाफ के बच्चों के लिए ‘किलकारी’ (KILKARI) डे-केयर सेंटर की शुरुआत की है।इस पहल का उद्देश्य उन कर्मचारियों को सहयोग प्रदान करना है, जो अपनी व्यावसायिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। इस सुविधा से विशेष रूप से कामकाजी अभिभावकों को राहत मिलेगी और वे अपने बच्चों की देखभाल की चिंता से मुक्त होकर अधिक एकाग्रता एवं निश्चिंतता के साथ अपनी कार्य जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।
इस अवसर पर संस्थान की चेयरपर्सन श्रीमती संतोष गोयल जी ने कहा कि बच्चे हमारे समाज का उज्ज्वल भविष्य हैं और उनकी देखभाल एवं खुशहाली हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘किलकारी’ केवल एक डे-केयर सेंटर नहीं, बल्कि संस्थान से जुड़े परिवारों के प्रति हमारे स्नेह, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री संदीप गोयल जी ने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक प्रगति उसके कर्मचारियों की संतुष्टि एवं खुशहाली से जुड़ी होती है। हमारा प्रयास है कि कर्मचारियों को ऐसा सहयोगात्मक वातावरण मिले, जहां वे अपने पारिवारिक और व्यावसायिक जीवन के बीच बेहतर संतुलन बना सकें। ‘किलकारी’ इसी सोच का परिणाम है।
एकेडमिक डायरेक्टर श्रीमती बिंदिया गोयल जी ने कहा कि परिवार और कार्यस्थल के बीच संतुलन बनाना कामकाजी अभिभावकों के लिए एक बड़ी चुनौती है। ‘किलकारी’ की शुरुआत इस चुनौती को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। संस्थान का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि अपने प्रत्येक कर्मचारी और उनके परिवार की खुशहाली का भी ध्यान रखना है।
कैलाश इंस्टीट्यूट की यह पहल कर्मचारी-हितैषी कार्यसंस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। ‘किलकारी’ के माध्यम से संस्थान ने यह संदेश दिया है कि जहां शिक्षा के साथ भविष्य संवरता है, वहीं अपनत्व के साथ परिवार भी मुस्कुराते हैं।



